हिंदू धर्म की मान्यताओं में कई तीज-त्योहारों ,तिथियों और अवसर बताए गए हैं, जब रोटी बनाना वर्जित बताया है. मान्यता है कि इन वर्जित दिनों को रोटी बनाने से मां अन्नपूर्णा और धन की देवी लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं.
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दोस्तों ! नाग पंचमी का त्योहार आने वाला है, इस दिन रोटी बनाना वर्जित होता है. आइए आपको बताते हैं शुभ-अशुभ का ध्यान रखते हुए किन-किन मौकों पर रोटी नहीं बनाई जाती है.
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रोटी बनाने का बर्तन तवा राहु का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इसका प्रयोग नाग पंचमी के दिन वर्जित होता है.
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शास्त्रों के अनुसार रोटी बनाने के लिए जिस लोहे के तवे का इस्तेमाल किया जाता है उसे नाग का फन माना जाता है, इसलिए नाग पंचमी के दिन चूल्हे पर तवा रखना मना है.
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नाग पंचमी के अलावा भी कई और ऐसे मौके हैं जिस दिन चूल्हे पर तवा रखने से धन की हानि की बात कही जाती है.
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शीतला अष्टमी के दिन माता की पूजा करते समय बासी खाने का भोग लगया जाता है, फिर उस बचे हुए खाने को प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया जाता है इस दिन रोटी बनाने से माता नाराज हो जाती हैं.
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शरद पूर्णिमा के दिन धन की देवी लक्ष्मी प्रकट हुई थीं. इसलिए शरद पूर्णिमा के दिन घर में कच्ची रसोई निषेध है,इस दिन खीर और पूरी बनाने का नियम है.
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शास्त्रों में दीपावली के दिन घर में रोटियां बनाने की मनाही है,धन की देवी लक्ष्मी की की पूजा के इस दिन खास तरह के पकवान बनाने का नियम है. पकवान के साथ मिठाई और खील बताशा खाए जाते है.
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घर में किसी की मृत्यु को हो जाने पर सूतक मानने का नियम है, 13 दिन चलने वाले सूतक के दौरान रोटियां नहीं बनाई जाती है. तेरहवीं का संस्कार हो हो जाने के बाद ही घर में रोटी बनाने का नियम है.
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